💖योंही मेरे साथ चल💖 कमल भंसाली

15 फरवरी 1976 को जीवन का नया सफर शायर के साथ शुरु हुआ और नये नये आयामों से गुजर कर आज यही अहसास दे रहा कि सच्चा प्यार जीवन की वो अनमोल धरोहर व दौलत है, जिसे सच के साथ सदा संभाल कर रखा जा सकता है। शायर के सच्चे प्यार बिना सही जीवन की कल्पना बेमानी लगती। ये कविता उसको और उसके सच्चे प्यार को मेरी तरफ से दिल की कलम से लिखा “उपहार”। हालांकि सच्चा प्यार किसी भी अभिव्यक्ति का मोहताज नहीं होता फिर भी प्यार बिन इजहार कैसे खुश रहे “मेरे यार “।

मितवा रे
तूं मधुर चांदनी
तो मेरे तेरे नभ का चांद
यह तेरा मेरा प्यार
रहे सदा बन ‘बहार’
💓💓💓💓
तेरा मेरा साथ
युगो युगो की याद
मैं तेरा जीवन साथी
तूं ही मेरी ‘फरियाद’
यह तेरा मेरा प्यार
💝💝💝💖
हाथ में तेरा हाथ
नयनों में सपनों का साथ
जीने से ज्यादा
तेरे प्यार की चाह
ये ही है हमारी कसमें
यही है ‘वादा’
यह तेरा मेरा प्यार
❤️❤️❤️❤️
कल चमन में
और भी
प्यार के फूल खिलेंगे
हम भी
उसी सूरज की किरणों
संग खिलेंगे
जग में मर कर भी
‘जिंदा’ रहेंगे
यह है तेरा प्यार
🌷🌷🌷🌷
✍️कमल भंसाली