🎯 जिंदगी 🎣 कमल भंसाली

जिंदगी कुछ साँसों की विरासत है
कुछ भी कह लो, ये कोई अमानत है
मालिक नहीं इसके, हम खिदमगार है
साबित करना हमें, कि हम वफादार है

कल की यह परिभाषा आज ही बनाती
अभी के सब रंग को ही सिर्फ पहचानती
गांठ बांधलों बात, ये कभी नही बखस्ती
गलत हुए तो सिर्फ सजा ही देना जानती

कहते है, आसमान से ये आती
पाताल तक की यह यात्रा करती
जन्मों की खींची रेखा पर चलती
हर पड़ाव का ये अवलोकन करती

ऊपर से मीठी, भीतर से होती सख्त
संशय, भ्रम ही इसके ताज और तख्त
अभिमान की पोशाक में जब सजती
अपने वजूद को सदाबहार ही समझती

समझ इसकी सब को सही नहीं आती
पटी लालच की सबको गंधारी बना जाती
समझ इतनी ही होगी इसकी बहुत कीमती
एकबार की जिंदगी पता नहीं फिर कब मिलती !
😵 रचियता 🏀 कमल भंसाली