♨ जय हनुमान ♨ कमल भंसाली

“हनुमान” है, नाम तुम्हारा

बजरंग बली भी लगता प्यारा
जो भी बोले जय बजरंग बली
समझो उसकी सब विपता टली

सुना है, राम की तुम करते भक्ति
तुम्हारे ह्रदय में बस्ती उनकी मूर्ति
चीर के तुमने दिखला दिया
भक्ति का “कमल” जग में खिला दिया

जिसने भी सच्चे मन से
ध्यान तुम्हारा किया
उस पर रहती तेरी मेहरवानी
जिसने राम नाम भी लिया
उसका भी कल्याण किया

अनूठी है, तुम्हारी भक्ति
अजेय है, तुम्हारी शक्ति
शिव, विष्णु के तुम प्यारे
जग के हर काज, तुमने संवारे

है, प्रभु
जन्म दिन आज तुम्हारा
प्रणाम स्वीकार करो, मेरा
करो कृपा
दो आत्म ज्ञान
करो भक्त का कल्याण
जग में हो
एक मेरी भी
सुंदर सी पहचान
जैसे आपका नाम है
जग कल्याण
राम भक्त हनुमान

जय बोलो..बजरंग बली की….कमल भंसाली

सावन आया, झूमकर…….कमल भंसाली

झूम रहा मन
नाच रहा तन
धरा हुई सघन
नदियों में उफान
पर्वत की चोटियों
से फिसल कर
सावन आया, झूमकर

सूर्य भी हो मस्त
हो गया, अस्त
नील गगन में
मच रही हलचल
छाए घनेरे बादल
दे रहे, अलबेली तान
झमा झमा बरस
ढा रहे, कहर
सावन आया, झूमकर

सावन और शिव
देखों, दोनों का वैभव
करता संहारऔर देता निर्माण
प्रमाणित सृष्टि का मिलन
बह रही,अद्भुत, बयार
शिव और शक्ति
प्रेम मग्न हो
गा रहे, मल्हार
प्रकृति धन्य होकर
गुनगुना रही
सावन आया, झूमकर

वसुंधरा सजकर
दुल्हन बन रही
हरियाली, की
मेहँदी लगा रही
पवन झूम झूम
स्पर्श ढूंढ रहा
भँवरों का गुंजन
चमन को रिझा रहा
प्यासी कलिया
विरहन बन रही
दरख्तों से
कितनी निगाहें
झांक झाँक
कर रही इशारा
आया सावन झूमकर ……कमल भंसाली