💟रक्षा बंधन💗✍ कमल भंसाली

“रक्षा बंधन” त्योंहार है आस्था का
बहन भाई के आपसी विश्वास का
रिश्तों के संसार में प्रेम के सारांश का
बंधन ही कह लो इस जग से प्रभाष का

स्नेह है, दुलार है, इंतजार है
आत्मा से अंदर की पुकार है
कलाई के बंधन में एतवार है
राखी का यह पवित्र त्योहार है

निशब्द धागे में बन्धन प्यार का
मन प्रफुल्लित सम्बन्ध जन्म का
सितारों से ऊंचा कभी जहां चाहे न हो
पर स्नेह भरा विश्वास बहन का कम न हो

बहन जब राखी बांधे तो भाई को निहारे
दुआ एक ही तरह की दोनों के नयनों में सँवरे
भाई मेरा सदाबहार रहे जैसे नभ के चमकते सितारे
बहना मेरी आबाद रहे राखी बांधे आकर मेरे द्वारे

भैया का प्यार है, बहना का इंतजार है
सम्बन्धों की गरिमा में ही बसा संसार है
एक दूजे के स्नहे में ही जीवन का सार है
“बहना” इस सम्बंध पर पूरा जीवन न्यौछावर है

सूनी कलाई को राखी का इंतजार रहे
“बहन भाई” का यह प्यार सदा अमर रहे
अर्थ के युग में रक्षाबंधन स्नेहाशीष रहे
प्रेम के इस धागे में संसार का प्यार बना रहे
रचियता✍ कमल भंसाली