उल्फत की रानी 😛चुनाव महारानी🤑कमल भंसाली

उल्फत कि रानी
प्रफुलित चांदनी
निखर रही प्रखर रही
धवल भारत की वसुंधरा
गुंजन भरीआवाजों से सहम रही
चुनावी मौसम आया
नेताओं का जमघट छाया

दूर गगन में हजारों सितारे
नभ को फुसला रहे
चांदनी को प्राप्त करने के लिए
कसमें खा रहे
वादे कर रहे
दूर जैसे
नेताओं के भाषण
भारत की जनता को
सुनहरे भविष्य की कल्पना कर रहे

दूर एक टूटी फूटी झोंपड़ी में
एक माँ
भूखी नंगी संतान को
सहला सहला कर
बिन भविष्य सुला रही
कई आवाजें
देश को प्रगति पथ पर
ले जाने की बात कर रही
भ्रमित जनता से
आश्वासन मांग रही
उनके मूल्यवान वोट को
अवमूल्यन कर
हसीन ख्बाबों की सैर करा रही

मजबूरी में देश उनका विश्वास कर रहा
कह रहे
कल देश का फिर
भविष्य तय हो रहा
थोड़े दिन में सब कुछ बदल जायेगा
कोई बच्चा
खाली पेट न सोयेगा
हमारा यह वादा रहा
देश स्वर्ग हो जायेगा
आपको भी स्वर्ग में रहने का
कुछ और ही आनन्द आएगा

उल्फत कि रानी
पता नही किसे
कैसे नहा गई
भूखी माँ भी
बेखबर हो सो गई। ….कमल

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🙆नारी🙆 अद्धभुत कृति💇 नारी दिवस पर नारी शक्ति को समर्पित कविता✍ कमल भंसाली

>>> नारी<<<<

अद्धभुत कृति प्रकृति की
नर से ज्यादा स्वीकृति जग की
नारी के बिना जग नहीं होता
नारी बिना मानवता का विकास नहीं होता
नारी की चाहिए प्रेम की धरा
जिसमे हो स्नेह, विश्वास और सम्मान भरा
नारी अद्धभुत…..

हंसते हंसते त्याग देती प्राण , नारी का त्याग महान
इतिहास गवाह है, संकट में नारी देती अपनी पहचान
शक्ति और साहस से सब संकट झेलती
संयम से सयोंजन अपने परिवार का करती
क्षमा की देवी ही नहीं, शिवशक्ति वो कहलाती
नारी अद्धभुत…

धर्म उसकी आस्था में बसता
उसी से संसार पावन कहलाता
सदियों से नारी अत्याचर से लड़ती आई
अपने वजूद की रक्षा स्वयं करती पाई
सत सत प्रणाम नारी ऊर्जा को
उसके माँ,बहन और पत्नी होने के दर्जे को
नारी अद्धभुत….

युग बदला नारी बदली
अपनी शक्ति की पहचान बदली
शिक्षा और ज्ञान की देवी सरस्वती कहलाई
धन सम्पति की देवी लक्ष्मी बन पूजा कराई
सौन्दर्य की देवी बनकर शिव का मन हरसाईं
राधा कृष्ण की जोड़ी बन प्रेम को नये आयाम तक पहुंचाई
नारी अद्धभुत…
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युग बदलता रहा, संग संग नारी भी बदलती रही
पर कभी कभी ऐसा लगता नर नहीं बदलाता
न बदली उसकी मानसिकता
नहीं तो क्यों उस पर अत्याचार होता ?
नारी के मान सम्मान और इज्जत पर हमला होता ?
जब कभी वो करता नारी पर करता दूषित आचार
पता नही क्यों भूल जाता उसके पास है माँ के दिए संस्कार
बहन का दिया स्नहे और पत्नी का दिया प्यार
और सच भी तो यही है इसलिए चल रहा यह संसार
जरा बताओ इस से किसको है इंकार
नारी अद्धभुत…

****कमल भंसाली****

08/03/2018