🌷मंगलकामनाएँ उन्नतमय नववर्ष की🌷कमल काव्य सरोवर🌻 कमल भंसाली🌻 शायर भंसाली द्वारा

🌹 ⏰🌹 दोस्तो, “कमल काव्य सरोवर” ब्लाग साइड (wordpress.com )तीन साल की अवधि में अब तक लगभग चालीस देशों से 25000 लोगों के द्वारा दृश्यत किया गया और 110 फॉलोअर से जुड़ा और लगभग 500 रचनाओं से सजा इसके लिए सभी को नववर्ष की शुभकामनाओं सहित अभिवादन करता है। आप सभी हिंदी भाषी साहित्यिक प्रेमियों का साथ सुहाना और मन प्रफुल्लित करने वाला हमें सदा मिलता रहे, ये हमारी भी प्रार्थना है। ‘शायर’ मेरी सिर्फ जीवन साथी ही नहीं है, वो मेरी सारी रचनाओं का अंतिम सम्पादन करती है, उसे भी नववर्ष की मंगलकामनाए। ” नया वर्ष शुभता भरा हो आपके लिए सफल वर्ष रहे” शुभकामनाओं सहित✍💘कमल भंसाली

नव वर्ष का आया नया सवेरा
चारों दिशाओं में है, उजियारा
हर दिशा से एक ही है,प्रार्थना
हर जीवन सुखी हो, यही कामना
नव वर्ष…..
🌞

नए आयामों का हो, हर नया सफर
पथ में हो कई सफलताओं की डगर
रिश्तों में छाई रहे मृदुलता की बहार
सद् भावनाओं के खुलते रहे नए द्वार
नववर्ष….
🎁

हर मानव का हो,प्राणी मात्र से प्यार
अहिंसा का ही हर दिल में हो विस्तार
कल का दुःख, आज में कभी न समाये
ईष्या, द्वेष की भावना कभी मन न लाये
नववर्ष…
🔔

हम उसी राह चले, जहां धर्म के फूल खिले
हमें सदा स्वस्थ, स्वच्छ पर्यावरण ही मिले
प्रयास हो, हर कोई एक दूजे से गले मिले
साल जब ले विदा, तो प्रेरणा उसी से मिले
नववर्ष…
📚

साल यह सबके लिए हो पूर्ण सुखद व परोपकारी
समृद्धि, प्रसन्नता, सम्पन्नता के सब हो अधिकारी
स्नेह, प्रेम, स्वास्थ्य न हो, किसी की कोई मजबूरी
मंगलकामनाये, शुभता की बरसात सदा रहे जारी
नववर्ष…
🌜⭐🌟🌟🌟🌛

(नया साल आप को स्वस्थ, सम्पन्न व सुखी बनाये
इन्ही भावनाओं के साथ नव वर्ष की शुभकामनाएं…🎂.***शायर भंसाली 💝 कमल भंसाली***🎁

01/01/2018

💟प्यार के रंग कुछ खुशबूओं के संग💟 कमल भंसाली

💑 1
उनकी निगाहों के साये
दिल के अरमान जगायें
वो न जाने चाहतों के दाग
कभी यो नहीं छिपाये जाये
💚2
प्यार की खुशबू जब फैले
मन की कलिया चटक जाये
सूरत बार बार सामने आये
बैचेनी दिल की बढ़ती जाये
💙3
बड़े बेबाक होते हुस्नवाले
जब चाहे जो कसम खाले
अंदाज होते जान लेने वाले
तड़प पर सदा मुस्कराने वाले
💓4
नाशाद हुआ दिल प्यार को तरसता
भीगी आंखों से जुदाई को कोसता
सितमगर उनकी अदायें कह नही पाता
प्यार का जज्बाती अंदाज समझ नहीं पाता
💕5
क्या यही प्यार है
नहीं जवानी का बुखार है
असली प्यार तो बहुत समझदार है
वो निगाहों का नहीं दिल का वफादार है
❤ 6
प्यार चाहत नहीं त्याग है
प्यार आलिंगन नहीं समर्पण है
प्यार इबादत का कोई नाम है
सच, प्यार विश्वास की प्रार्थना है
💚7
इसलिए मेरे दोस्तों
प्यार को सिर्फ अहसास ही समझो
जवानी का एक मनोरोग ही समझो
जिस्म की जरुरत को प्यार न समझों
प्यार की खूबसूरती, उपासना से समझों
💔8
करो खूब प्यार करो
हर रिश्ते को जी भर निहारों
स्नेह के आवरण से और विस्तारों
पर, धोखे से इसका नाम बदनाम न करो
नहीं तो फिर प्यार को प्यार ही रहने दो
विनती है, सिर्फ इसका अहसास ही करो
💘रचियता✍ कमल भंसाली

🌻आत्मिक प्रार्थना🌻कमल भंसाली🌻

जानता हूं प्रभु
तुम आये थे कई बार
मेरे आत्म द्वार
खटखटाया, बार बार
पर मै नादां
संशय में रहा हर बार
कौन होगा
तमस भरी अंधियारी
बिन चिंतन की रातों में
उलझा ही रहा
अपने सांसारिक जज्बातों में
भूल हुई, प्रभु
माफ कर देना
हो सके तो इस बार मुझे
जरा जगा देना
चेतनामय बना देना
एक नई जीवन भोर का
वरदान देकर जाना
यह जीवन तुमको ही वापस करना
जब चाहे वापस ले लेना
पर उससे पहले
हुए जग के सारे अहसान
वापस लौटाने का सामर्थ्य दे जाना
मेरा सर्व आत्मिक उद्धार कर देना
दुनियादारी के दस्तूर निभाते
मन हुआ मेरा अति मेला कुचैला
अगर कहीं कोई दाग रह भी जाये
तो भी मुझे स्वीकार कर लेना
अपने चरणों का एक कण बना
अपने में ही सम्माहित कर लेना
जन्मों के बंधन से मुक्त कर
मुक्ति पथ मेरा सहज सरल कर देना…..
रचियता 🌺 कमल भंसाली🌺

★★मन रे ◆◆◆कमल भंसाली

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मन रे, मन
तूं इतना, न बन
आज बता कैसी है, तेरी सूरत
और, क्या है, तेरी जरुरत
क्यों इतने चाहत के फूल उगाता
उनकी ही महक से क्यों डगमगाता
मन रे ……

फितरत तेरी, समझ के बाहर
कभी चहकता, कभी बहकता
क्या ऐसा तेरे भीतर
कभी गन्दी नाली
कभी खारा समुन्दर
कभी तूं मीठा कुआं
बता आखिर तेरे साथ
ही, क्यों रह रहे, सारे
मन रे….

कहते है, जोगी,
मन तो मनमौजी
जग के धुंए में रमता
कुछ नहीं करता
इधर उधर ही घूमता
आखिर बता तूं कितना आवारा
और कितना मेरा
मन रे………

दूर देश से आया
मुझ में ही समाया
सन्देश आज वहीं से पाया
तूं तो एक आंतकवादी
मेरे जीवन क्षेत्र का उत्पादि
संभल रे, जरा
सीमाओ पर, मेरे
प्रभु की प्रार्थनाओं, का पहरा
ढेर हुआ, तो क्या
अस्तित्व रहेगा, तेरा
मन रे……

अपने को पहचान जरा
नादानी में
क्यों भविष्य बिगड़
रहा, तेरा
अपना अंकुश ही
काम आएगा
न की
तन मेरा
रह जाएँगे
सब मनसूबे अधूरे
सुन रहा, है, ना
मन रे……**कमल भंसाली**