जग-कल्याण

बहुमुखी हो प्रतिभा तो अंतर्मुखी हो जाता इंसान
न भूले वो, जग में सेवा के लिए मिला उसे वरदान
लोभ-लालच से दूर रहकर, जो करे इसका सम्मान
“शिव” करते जग-कल्याण, मिलता उसे भी “निर्वाण”
✍️ कमल भंसाली