दोस्ती

दोस्त न हों अनेक
पर हो सच्चा
और नेक
तो अच्छा है एक
पर दोस्त होना जरूरी
दोस्त बिना जिन्दगी
आधी अधूरी

“दोस्ती” दुनिया में
इतफाक से होती
पर सच्ची हो
तो जीवन भर चलती

कद्र दोस्ती की कीजिये
अगर किसी को
सच्चे दिल से बनाया
फ़िक्र उसके दिलकी
भावनाओं की कीजिये
जिन्दगी भर इस
“अटूट दोस्ती” का मजा लीजिये

जान लीजिये,
“दोस्ती”
सच्ची मस्ती
बिन रिश्ते के
मन में बसती
खुद हंसती
सब कों हंसाती
खुद मुस्कराती
मुस्कराना सिखाती
चिन्तन देती
चिंता हरती
शर्त इतनी
जहां वफा
वहीं रहती
हों सके तो
बेवफाई की
बीमारी से
बचाइए
“जिन्दगी”में
इसे दूसरा
“भगवान”
समझ कर
इसकी पूजा
कीजिए

समय बदलता
इंसान बदल जाये
पर सच्चा दोस्त
कभी नही बदलता
न ये गाने दीजिये
“दोस्त दोस्त न रहा”

कृष्ण और सुदामा
की दोस्ती से
कुछ तो प्रेरणा
जरुर लिजिये ……….”कमल भंसाली”

कमल भंसाली