👉बदले युग की शुभकामना👈 कमल भंसाली

जग जाओगे तो हार जाओगे
उठ कर चले तो गिरा दिये जाओगे
बदले वक्त का फलसफा
आवाज की, तो हो सकता
फिर कोई दीपावली न मना पाओगे

सुनना ही, अब सही लगता
बोलने से आजकल मुँह थकता
आलोचना, तो जहर है
प्रशंसा की सर्वत्र बहती लहर है
नेता नहीं हो, कुछ कहना कहर है

ईमान को धर्म न समझना
कर्म का जब नहीं कोई पैमाना
बिन मेहनत के तयः है मिलना
बस तुम्हें स्वयं को समझाना
अब आश्वासनों का है, जमाना

देखो तो लक्ष्मी, खुद अब लाचार
पाने के खुल गए, हजारों द्वार
विवेक हीन बुद्धि का चमत्कार
अच्छा आदमी हुआ अब बेकार
बेईमानी का नाम हुआ, कारोबार

कौन सा दीप जला रहे हो इसबार
सवर्त्र राज्य कर रहा, खुद का अँधकार
सोये हुए का यही होता फायदा
जब रोशनी का नहीं रहा कोई कायदा
भूल से भी कभी नहीं देखना आईना
जब जिंदगी नहीं पास, देखने का क्या मायना
हाँ, दीपावली अब भी शुभ है, खुशी से मनाना
शुभकामना, हो सके तो, पढ़कर फिर न सो जाना
✍️ कमल भंसाली


👣दीपावली की मंगलकामनाएँ👣 कमल भंसाली

दोस्तों, दीपावली पर दिल से मंगलकामनाएँ, भारत का यह त्यौहार खिलखिलाता सा आता है, और ढेर सारी खुशियों का गुंजन हमारे कानों में बिखेर जाता है, अपनी मिठास से हमारे आपसी रिश्तों को नवचेतना की अमृतमय ऊर्जा भरा आलोकित पथ दिखा जाता है।
समृद्धि का यह पर्व कई प्रकार के गुणों से हमारे दिल के हर कोने को पवित्र करने की कोशिश करके जाता है। दीपावली आपसी प्रेम की बढ़ोतरी के साथ समृद्धि की कामना का पर्व तभी बन सकता है, जब भारत का हर नागरिक इतना समृद्ध बन जाए, कि राजनीति कभी भी गरीबी शब्द से हमारे देश की जनता की भावनाओं से न खेल सके। आज देश को स्वतंत्र हुए 68 वर्ष हो रहे है, और अभी भी हमारे देश की सरकारे गरीबी, गरीबी चिल्ला रही है, जब सड़क की गंदी नालियों के पास लोगों को खाना पकाते, नहाते व सोते देखता हूं, तो उस लक्ष्मी की तलाश करने की कोशिश करता हूँ, जो भ्रष्टाचार के कारण कुछ के पास ही अपने अस्तित्व की झलक दिखाने को मजबूर है। इस कविता के द्वारा माँ लक्ष्मी का आह्वान देश के प्रत्येक नागरिक लिए किया है, आशा है, माँ, अपना आशीर्वाद उन सभी को देगी, जिनको वास्तव में सही जरुरत है। विश्वास है, भारत शीघ्र ही सम्पन्न राष्ट्र कहलायेगा। धनतेरस व दीपावली सबकी शुभकारी और मंगलमय हो।

हर प्रांगण हर द्वार पर आज दीप जले
आलोकित हो हर मन के प्राण खिले
नव चेतना की बिखेरे सुनहरी किरणे
सुख समृद्धि की चारों तरफ बहार फैले

लक्ष्मी का हर घर में हो रोज पर्दापण
संयम, शांति का रहे सदा पूर्ण समर्पण
धन, समृद्धि का सदा होता रहे भ्रमण
मंगलमय हो साल, यही प्रार्थना अर्पण

जर, से भर जाए हर परिवार के भंडार
स्वस्थ काया का सदा रहे उत्तम श्रृंगार
मुखड़ों की मुस्कराहट से शुरु हो भौर
प्रेममय स्नेह से आभायुक्त रहे संसार

दीपावली की शुभता नभ तक छा जाए
उस पर भास्वर पावन सितारे सज जाए
चन्द्रमा शीतल शान्ति की किरणें बरसाये
निःसीम विश्व का रूप प्रियदर्शन हो जाए

भारत हमारा देश वीरों का सदा बना रहे
अखण्डता का आशीर्वाद हमें मिल जाए
बेबसी के सारे तमस ज्योतिर्गमय हो जाए
वैभव का शैशव सुख बन यहीं रह जाय

सुख समृद्धि से भरपूर जीवन हो हम सब का
माँ लक्ष्मी का मिलता रहे हमें सदा आशीर्वाद
रिद्धि सिद्धि शुभ लाभ के मालिक है, गणेश
“तमसो माँ ज्योतिर्गमय” से हो जीवन विशेष…

दीपावली की मंगल कामनाओं सहित….रचियता…✍कमल भंसाली✍💖 संपादन💖 शायर भंसाली