👨‍❤️‍👨तेरी जुदाई✍️कमल भंसाली

वक्त की रुसवाई और तुम्हारी बेवफाई
सनम मेरे दिल को दे रही दर्दीली तन्हाई
हालात बदल गये हो गई हमारी जुदाई
खाई कसमों को मौहब्बत रास न आई
वक्त…

मौसम का मिजाज भी काफी बिगड़ गया
चांद भी गम के काले बादलों में छिप गया
तन्हा हो दिल तेरे इश्क में बदनाम हो गया
प्यार का तुम्हारा तौहफा दिल को रुला गया
वक्त…

कल तूं जब कभी किसी गैर के आलिंगन में होगी
कसम से हमारी राहे उस दिन से अलग अलग होगी
वो शायद जिंदगी की आखरी जज्बाती रात होगी
जिसमें बेवफा कहकर ही दिल को सांत्वना मिलेगी
वक्त….

जिसकी भी बनो तुम उसकी ही रहना
अब कभी पहलू बदल न बदनाम होना
कल मेहंदी जिसके भी नाम की रचाना
उसको ही जन्म भर का प्रियतमा बनाना
वक्त…

टूटा दिल भी अजीब सी आरजू करता रहता
झूठी मौहब्बत के लिए सदा ही इबादत करता
दिल देकर दर्द के मंजर के इर्द गिर्द ही घूमता
अपनी हस्ती भूल परवाना बन कर जल जाता
वक्त…

रचियता ✍️ कमल भंसाली

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