★तुम नहीं आये **अधूरी प्रतीक्षा★★★कमल भंसाली★★★

 

अँधेरी रात ढल रही
तुम नहीं आये
कोई बात नहीं, दिल की बाती
अंतिम जल रही
बीते प्रहर में
दिल की किश्ती डगमगा रही
फिर भी, तुम नहीं आये
कोई बात नही…

दो बून्द ,आंसू की
मौका मिले, तो गिरा लेना
जरा अपना दामन भीगा लेना
भूली बिसरी यादों में
कोई, अनछुआ स्पर्श ढूंढ लेना
कल अलविदा कहना
आज जरा याद कर लेना
सांस भी रुक रही, तुम नहीं आये
कोई बात नहीं…

डोरी साँसों की टूट सी गई
जिंदगी भी लड़खड़ा गई
फिर भी, तुम नहीं आये
कोई बात नही
कुछ गीले खत
कुछ फूल, जो तुमने भेजे
सुख कर, सब्ज हुए
प्यार के सारे
इम्तहान पुरे हुए
कफ़न के रोशनदान
से ही झाँक लेते
बन्द पलकों से
एक झलक तुम्हारी देख लेते
पर तुम नहीं आये
कोई बात नहीं
अँधेरी रात…..कमल भंसाली