🌻सूरजमुखी प्यार🌻कमल भंसाली

प्यार एक खुशबू है हर दिल के गुलशन की
सदियों से बहने वाली सौगात है जिंदगी की
विश्वास के की ये बयार, जान है हर दिल की
अंत नहीं जिसका वो ही है, मंजिले प्यार की

प्यार शब्द नहीं, न ही इसकी कोई है परिभाषा
ये तो धड़कनों की अमानत जिसमें रहती आशा
नाजायज मकसदों की बूंदों से मिलती इसे निराशा
धवल पंखुड़ी सी निहित सच्ची होती इसकी भाषा

प्यार दिल के मिलन का अजीब सा सेतु बनाता
भविष्य के सारे सपने सिर्फ अपने अंदर संजोता
नयनों से चयन करता हर क्षण, उसी से समझाता
किसी बंधन में बंध, धीमें से हर लब पर मुस्कराता

प्यार को खेल न समझे ये खेलने से ही घबराता
हक़ीक़त के पन्नो पर ही अपने ही गीत सजाता
प्यार रिश्तों की जान ये, हर रिश्ते में ही इठलाता
रिश्ता वही सही होता, जो उसकी उष्णता बढ़ाता

दावा प्यार कभी नहीं करता वो तो दिल में ही रहता
बाहर के प्रदर्शन से पागल सा बन इधर उधर भटकता
अंतर्मुखी ये फूल है दोस्त, अंदर से ही ज्यादा मुस्कराता
“कमल” प्यार से जब उगता तो “सूरजमुखी ” सा दर्शाता
✍️ कमल भंसाली