👉सीधे-साधे मुक्तक👈✍️कमल भंसाली

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🕺महबूब मेरे💃 कमल भंसाली

खुशबुओं से भरा प्यार हमारा
जीवन का श्रृंगार, मेरा
चाहत के फूल, स्वीकार करो
महबूब, मेरे
इम्तहान, मौहब्बत, कितने ही लो
हम, रहेंगे, सिर्फ, तेरे
मेहबूब, मेरे…..
💖
जीवन की हर सुबह,शाम
लिख दी, तुम्हारे नाम
हर सांस देती, तुमको सलाम
जिएंगे, सिर्फ तुम्हारे सहारे
दुआ करो
कदम न लड़खड़ाये, हमारे
मेहबूब, मेरे …..
💖
अंतर्मन के हर कोने में
छाये नाम तुम्हारा
सब रंग से रंग
सजादू,दिल में
प्यार की रंगोली
उनसे ही खेलूं होली
हर,दीपावली में
हर दीप में अपनी
वफा की लौ जला दूं
मेहबूब मेरे..
💖
सदा, मुस्कराये, नयन हमारे
प्यार में न हो, कभी हार
न ही करे, हम तकरार
सहमति के कदम चलते रहे
गीत मिलन के
गाते रहे, दिल हमारे
मेहबूब मेरे…
💖
ये बन्धन रहे, सदा सलामत
चाहे दुःख आये, चाहे आफत
महबूब, मेरे
यो हीं, प्यार करते रहना
साथ, मेरा सदा निभाना
मैं, मुस्कराऊ, तुम भी मुस्कराना
गले लगाकर कहना
💝💝💝💝💖💖💖💖💖💖💖
“मेहबूब मेरे”……..✍️कमल भंसाली