👾👈करो ” ना “✍️ कमल भंसाली

करो “ना” करो “ना”
न कि घबराना
डरो ना डरो ना
हिम्मत रखो ना
नहीं जीत पाये करोना
उसको है, हमें हराना

नादां है यह परवाना
जान का दुश्मन यह दीवाना
कल को इसे वापस जाना
हमें तो अभी यहीं है रहना
अगर जीने का विश्वास हो सुहाना
करो ना..

भूल जो हम करते
आदतों को नही बदलते
गलत को सही मान कर चलते
अफवाहों से भय को अंदर जन्म देते
छोड़ दो ये पागलपन
करो ना….

गौर से समय को पहचानो
स्वस्थ रहने की ही ठानो
हाथों की रेखा को जानों
उन्हें हर पल ही नहाना
न करना कोई बहाना
करो ना…

तपस्या का बड़ा महत्व
अकेले में ही मिलते इसके तत्व
दूर से ही सबके लिए दुआ करना
अपनेपन का अभी यही सच्चे प्यार का पैमाना
स्वयं को छोड़ कर अभी कहीं न जाना
करो ना…

देश रहा तुम्हें आज पुकार
देनी है करोना को उसकी हार
ग्रसित होकर हो रही हो बुखार
न छिपाना न ही करना कोई इंकार
हार जाएगा करोना बस थोड़ा सा इंतजार
जंग जारी रहे, अंदर की क्षमता को ही बढ़ाना
करो ना….
✍️ कमल भंसाली