🙌गुंजाईस✍️कमल भंसाली

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🙏नववर्ष तो एक बहाना है🙏कमल भन्साली

मुझे तो नव चिन्तनों से नहाना है
आपसी प्रेम को और जरा बढ़ाना है
रुठों को फिर से एक बार मनाना है

नववर्ष तो सिर्फ मेरा एक बहाना है

टूटी हुई साँसों के तारों को जोड़ना है
अपनी ही लापरवाहीयों को समझाना है
स्वस्थ शांत स्वास्थ्य को वापस लाना है

नववर्ष तो सिर्फ मेरा एक बहाना है

मकसदों को मंजिल का दर्शन कराना है
कर्म के पथ पर आगे बढ़ते ही जाना है
जीवन का आस्थाओं से संगम कराना है

नववर्ष तो सिर्फ मेरा एक बहाना है

हर पल की कीमत को और बढ़ाना है
घट रही जमा पूंजी को और बढ़ाना है
गूजरें पल को धरोहर बना रखना है

नववर्ष तो सिर्फ मेरा एक बहाना है

नव उर आस्था के आनन्द को जगाना है
आत्मिक ज्ञान से फिर उसे सजाना है
जग के ऋण को वापस कर के जाना है

नववर्ष तो सिर्फ मेरा एक बहाना है

इस कविता का सृजन तो सिर्फ मेरा बहाना है
इस बहाने सबके दिल में मुझे बस जाना है
वो दर्द जो न कह पाया कभी अपनी जुबां से
है ईश्वर, उसे तुम्हारे चरणों तक पंहुचाना है
नव वर्ष तो सिर्फ मेरा एक बहाना है

रचियता कमल भंसाली