👉 होली की शुभता👉कमल भंसाली

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🙏अंतिम प्रार्थना 🙏 कमल भंसाली

है, प्रभु
ये मेरी अंतिम आह
अब मुक्ति की चाह
है, यह नश्वर काया
जिसमें कुछ न पाया
🙏
सांसे भी भारी हो रही
शेषांस का संकेत दे रही
किस बंधन ने बांध रखा
प्राणों को जिसने रोक रखा
🙏
चारो तरफ से टूटा
फिर भी क्यों न बिखरा
क्या है उसकी मर्जी
जो ले नहीं रहा मेरी अर्जी
🙏
अंतिम हो यह प्रार्थना मेरी
है, प्रभु अब है इच्छा तेरी
जग न सुने कोई बात नहीं
तूं ना सुने तो मन रहता भारी
🙏
सच कहता शिकायत नहीं
जो मिला वो भी कम नहीं
टूटा, दोष किसी का भी नहीं
सही कर्म की पहचान थी नहीं
🙏
सम्बन्धों की भूल भुलैया
उसी जाल में उलझ गया
सार्थक फूल न उगा पाया
भाग्य से भी खाली हो गया
🙏
साँसों की प्रार्थना मान लेना
जिस्म से अब आजाद कर देना
भूले हुई हजारों माफ कर देना
प्रभु तेरे घर का द्वार खोल देना
🙏
आत्मा मेरी और कलुषित न हो
जिंदगी अब और प्रभावित न हो
अधूरापन मेरा स्वीकार कर लेना
अइच्छीत जीवनदान फिर न दे देना
💥💥💥💥💥💥💥💥💥
🙏रचियता और प्रार्थना कर्ता 🙏
🙏कमल भंसाली🙏

💕शंकित इंतजार💘✍️कमल भंसाली

ऐ दिल
जरा धीरे से मुस्कराना
शायद उनके आने की हो आहट
बढ़ न जाये तेरी घबराहट
फिर से न मचल जाये
तेरे सोये हुए जज्बात
ऐ दिल…

वो न आये तो कोई बात नहीं
फूल जो नहीं खिलते
क्या वो फूल नहीं
माना महक प्यार की
किसी के न आने से
दिल से जाती नहीं
पर जिंदगी तो ठहरती नहीं
ऐ दिल…

माना जमाना बेवफाई का
हक है उन्हें भी रुसवाई का
आहट तो एक अंदेशा आने का
प्यार कभी एक तरफा होता नहीं
बैचेनिया उनकी दिल में भी होगी कम नहीं
थोड़ी देर ठहर एतवार उन पर कर तो सही
हवाओं की खुशबुओं पर इतना इतरा नहीं
हद से ज्यादा ख्यालों से गुजरना तेरा सही नहीं
ऐ दिल…

रचियता✍️कमल भंसाली
.

👩‍💻नारी👸कमल भंसाली

नारी अदभुत कृति प्रकृति की
नर से ज्यादा स्वीकृति जग की
नारी के बिना जग नही होता
नारी बिना मानवता का विकास नही होता
नारी की चाहिए प्रेम की धरा
जिसमे हो स्नेह, विश्वास और सम्मान भरा
नारी अद्धभुत…..

हंसते हंसते कर देती, नारी का त्याग महान
इतिहास गवाह है, संकट में नारी देती अपनी पहचान
शक्ति और साहस से सब संकट झेलती
संयम से सयोंजन अपने परिवार का करती
क्षमा की देवी ही नही,शिवशक्ति वो कहलाती
नारी अद्धभुत…

धर्म उसकी आस्था में बसता
उसी से संसार पावन कहलाता
सदियों से नारी अत्याचर से लड़ती आई
अपने वजूद की रक्षा स्वयं करती पाई
सत सत प्रणाम नारी ऊर्जा को
उसके माँ,बहन और पत्नी होने के दर्जे को
नारी अद्धभुत….

युग बदला नारी बदली
अपनी शक्ति की पहचान बदली
शिक्षा और ज्ञान की देवी सरस्वती कहलाई
धन सम्पति की देवी लक्षमी बन पूजा कराई
सौन्दर्य की देवी बनकर शिव का मन हरसाईं
राधा कृष्ण की जोड़ी बन प्रेम को नये आयाम तक पहुंचाई
नारी अद्धभुत…

युग बदलता रहा, संग संग नारी भी बदलती रही
पर कभी कभी ऐसा लगता नर नही बदला
न बदली उसकी मानसिकता ,नही तो क्यों होता है
नारी के मान सम्मान और इज्जत पर हमला
जब कभी वो करता नारी पर करता अत्याचार
पता नही क्यों भूल जाता उसके पास है माँ के दिए संस्कार
बहन का दिया स्नहे और पत्नी का दिया प्यार
और सच भी तो यही है इसलिए चल रहा यह संसार
जरा बताओ इस से किसको है इंकार
नारी अद्धभुत…
【★★★कमल भंसाली★★★】

कमल भंसाली

💘होली आई रे💘🤣✍️कमल भंसाली

मस्त मदकल बहती बयार
फूलों से हो गुलजार
धरती रही पुकार
महीनों रे फाल्गुन को
रंगों, छंदों की छायी बहार
होली का आया त्यौहार
💚💚💚💚
मन में फूटे रंगीले गुबार
तीखे नयनों का होगा प्रहार
भीगी जुल्फों पर छाया निखार
परदेशिया
रंग रसिया
मन बसिया
आजा इस बार
होली का आया त्यौहार
💜💜💜💜
प्रेम के रंगो का सरोवर
गुलालों का लगा अम्बार
मुस्कानों का दे दबाब
मारो पिचकारी
मेरे दिलदार
फिजा को बना दो रंगदार
होली का आया त्यौहार
💙💙💙💙
“कान्हा “ने भी खेली
हम भी क्यों न खेले
गोपियों की हो टोली
बंसी बजे मस्तमोली
मस्तानी दीवानी
हर जवानी बोली
होली न आये बार बार
परदेशी बालमा आजा इस बार
👏होली का आया त्यौहार👏
✍️रचियता ……….”कमल”……….भंसाली