💕इश्क का अंजाम💕कमल भंसाली

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👁️ऐ जिंदगी🤳 कमल भंसाली

ऐ जिंदगी
तूं इतनी गम की बाते न कर
मुस्कराने की वजह तैयार कर
गम तेरे अकेले के नहीं
ये दुनिया मे किसके पास नहीं
बता दे तूं जरा
क्या मुस्कराने की तेरे पास
कोई एक भी वजह नहीं
ऐ जिंदगी

🌺🌺🌺

जान ले
जरा पहचान ले
हर राह में फूल नहीं होते
कुछ जिनमें कांटे ज्यादा होते
उनकी पहचान कर
अपने कदमों को जरा सख्त कर
तेरी दर्दीली राहों को भी जरा प्यार कर
हर अपनी राह को इस तरह आसान कर
दर्द का जिक्र कर उन्हें यों बदनाम न कर
ऐ जिंदगी

🏵️🏵️🏵️

अकेले ही चलना है तुझे हरबार
किसी और मुसाफिर का इंतजार न कर
स्वयं की क्षमता पर ही थोड़ा विश्वास कर
सब्र से अपनी चुनी मंजिलों का इंतजार कर
देख जरा आसमान की ओर सितारों पर कर एतबार
सब समय चाँदनी के लिए अपने को यों न कर बेकरार
ऐ जिंदगी

🌹🌹🌹
🌻 रचियता✍️कमल भंसाली🌻

🐳प्यास🐳 कमल भंसाली

किसी आज या कल को रुखसत हो जाऊंगा
ये सोचकर कि जो आता वह ही तो है जाता
पर ये क्यों नहीं जाना आने का मकसद होता
वरना जीवन से “प्यास” का लगाव क्यों होगा

🌲🌲🌲🌲

जीवन बिन वजह तो किसी प्राणी को नहीं मिलता होगा
समुद्र में लहरों का उत्थान पतन योहीं तो नहीं होता होगा
कुछ होने का जब कोई कारण होता तभी तो आरम्भ होगा
अंत से पहले के समय का कोई तो मूल्यांकन करना होगा

🌼🌼🌼🌼

पृथ्वी ही इंसान के वजूद को क्यों कोई स्वरूप देती
हर प्राणी की क्यों आयु की निश्चित सीमा तय करती
आज कल के अंतराल में अवधि की गति निश्चित करती
सब कुछ के पीछे क्यों हर प्राणी की चाहते बनती बिगड़ती

💐💐💐💐

ऊर्जा की भूमिका हर पथ का विस्तार सहजता से करती
कल्पना से दिमाग की सरंचना क्यों विचलित होती रहती
सवाल और उत्तर से ज्ञान की भूमिका क्यों प्रस्तर होती
आवश्यकता अविष्कार की जननी बन क्यों सामने आती

🌳🌳🌳🌳

तय यही करना होगा समय रहते जीवन को समझना होगा
इच्छाओं का संयमन कर भेजने वाले का संदेश पढ़ना होगा
प्रवृतिओं की लय में पवित्रता को सम्मान से बढाना ही होगा

संतोष व धैर्य को सर्व सत्यता की गंभीरता से पाना ही होगा

🌺🌺🌺🌺

बिन समझे चला गया तो भटकाव में आत्मा न सहज होगी
मोह की दीवार से मृत्यु भी देह को विचलत ही करती रहेगी
राम का नाम ही सत्य है श्मशान की गूंज बन कर सहमायेगी
बचे वक्त की समझदारी शायद मुक्ति पथ की राह दिखाएगी

रचियता: कमल भंसाली