👉मुक्तक जीवन के👈✍️कमल भंसाली

दर्द ही पीता
तब ही तो इंसान जीता
बिन दुखों के
कौन सुख की छांव ही ढूंढता ?
👾👾👾
चोट जो खाते
वो ही मंजिलो के अधिकारी होते
दर्द के दीवाने, चोटो से कब घबराते
💩💩💩
जो दूर तक साथ चलते
वो ही दिल मे रहते
रास्ते पर ही
साथ छोड़ने वाले
कब वापस याद आते
😿😿😿
सूरत नहीं सीरत देखिये
दिल ही नहीं
उसमे बसी प्यार की मूरत देखिये
सूरते तो
उम्र का अहसास है
प्यार में ही विश्ववास है
👻👻👻
यकीन मानिए
हर सांस
“प्यार” के लिए ही उदास होती
बिन प्यार
वो बीमार हो धीमी हो जाती
🤖🤖🤖
रचियता ✍️कमल भंसाली

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