🍃सफलता सूत्रम🍃 जीवन उपयोगी मुक्तक कविता ✍कमल भंसाली✍

अफसोस न कर जिंदगी अपनी नाकामियों का
ये नाप नहीं अपनी छिपी हुई हर क्षमताओं का
ये तो सिर्फ एहसास अपने कम किये प्रयासों का
हार नहीं स्वीकार फलसफ़ा है हर सफलता का

अनैतिकता से अर्जित हर सफलता होती अधूरी
सत्यता की कसौटी पर खरी नहीं उतरती कभी पूरी
हर मंजिल तक पंहुचने के अपने अपने होते दस्तूर
जो स्वयं की क्षमताओं से अनजान वो ही उतना दूर

कल की गलती कभी आज न दोहराना
हर गलती में हो सुधार, यह पाठ अपनाना
छिपी हुई गलतिया की चाल को समझना
इज्जत के नाम पर उन्हें कभी न छिपाना

दृढ़ता संकल्पों में सदा उद्धेश्य बनाये रखना
आलस्य की गहराई से स्वयं को दूर ही रखना
मेहनत ही दवा, हर घायल कर्म को समझाना
आश्रित न हो हर कर्म को खुद्दारी से सजाना

मंजिले नहीं होती उतनी दूर जितनी तुम्हें दिखती
बैठे बैठे कोई भी यात्रा संपूर्णता नहीं प्राप्त करती
चलने वाली राही बन, तेरी सांसों को गति मिलती
ठहर जो जाता उसे कर्म की निर्मलता नहीं मिलती

कल कल बहते वक्त के धारे करते ही रहते इशारे
जो न समंझे उनसे दूर हो जाते मंजिल के किनारे
इतना ही तेरे भाग्य काअफसाना कहते ग्रह सितारे
सफल वही जो ढूंढ ले आने के अदृश्य मकसद सारे

दास्तन ऐ जिंदगी मेरी दोस्त ये ही दर्शाती
हर कर्म से तय होती तेरी मेरी जहां में हस्ती
सफलता-असफलता पथ के है चंचल पथिक
चलते चलते जब जो मिले वो ही अस्तित्व के प्रतीक

रचियता🍂✍ कमल भंसाली

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