💑👉साथी मेरे, योंही मेरे साथ साथ चल 💑👈 शादी की शुभ वर्षगांठ पर जीवन संगिनी शायर को सप्रेम, सह-अस्तित्व पूर्ण भेंट ✍🙏कमल भंसाली

दोस्तों,
जीवन की कई विचित्रताओं में शादी का बन्धन एक अलग तरह की उपलब्धि होती है, खासकर उस समय जब जीवन यौवन से भरपूर प्रेममय होने लगता। खूबसूरती उस समय जिस्म के हर अंग पर बिखरी रहती है। इस माहौल में नारी और पुरुष दोनों को एक सुंदर पर समझदार साथी की जरुरत होती है। हमारे देश की संस्कृति में हर माता – पिता अपनी सन्तान की इस चाह को सामाजिक संस्कारों और रस्मों के अंतर्गत पूर्ण करना, अपना धर्म और कर्तव्य आज भी मानते है। माना समय परिवर्तन शील होता है, पर हकीकत यह भी है, शरीर व मन के स्वरुप में भी बदलाव हर दिन आता रहता है, जिंदगी की इस समझ को अगर दो जीवन साथी समझदारी से आगे बढ़ाते है, तो निश्चित है, दाम्पत्य जीवन एक सुखद अनुभव की सैर करता है। “42”, साल का सफर “शायर” के साथ हमसफ़र के रुप निश्चित ही मेरे जीवन को सक्षमता प्रदान करने वाला रहा। प्रेम व स्नेह की इस यात्रा जीवन संगिनी के रुप में उसने हर कर्तव्य का सही पालन किया । फर्ज बनता है मेरा, जीवन को प्राप्त इस सक्षम उपहार के लिए विधाता का शुक्रिया अदा करू और उसके स्वस्थ स्वास्थ्य की प्रार्थना करता रहूं।इतने साल के दाम्पत्य जीवन में उतार चढाव आना स्वभाविक है, पर आपसी तालमेल जीवन मनमोहक रहता है, यही हमारी आपसी उपलब्धि है।

“प्राभृत प्रामाण्य ” के रुप में यह कविता सफल दाम्पत्य जीवन को समर्पित है।आपका आशीर्वाद और मंगलकामनाओं से हमारा इस धरा पर तय जीवन गतिमय रहे, यही कामना है।

अगर चाँद और सितारों के भी होते जज्बात
“हमराही” जीवन के मेरे
देख हमें
शायद यही वे कहते
क्या ऐसी होती बेमिसाल मौहब्बत
एक ही सांस में दो दिल धड़कते
और
हर रोज कहते
चलो साथ साथ चलते
जमाने के गुलशन में
सदाबहार दिल के आशियना में
मौहब्बत के आँगन में
हम
“कमल” यी “कमल” खिलाते
इस पथ को
इस साल फिर नये आयामों से सजाते

💖

जिस्मों की क्या परवाह
प्रेम का बना रहें प्रवाह
ये ही करते आज प्रार्थना
प्रभु,साथ हमारा निभाना

💔

साथ तेरे
गुजारा, “साथी”
समय भी निखरा, “साथी”
पर यादों में
आज भी वो दिन बिखरा
जब चांदनी बन
तुम मेरे जीवन-नभ में छायी
दूर हुआ आशंकाओं का अन्धेरा
सच कहता
जिंदगी आज भी मुस्कराती
प्रेम वन्दना के
नये नये गीत गाती
हर उलझन का समाधान
साथ साथ ढूंढती
देख, तेरी मासूम सूरत
जीने की आज भी वजह बताती
कल को किसने देखा
पर आज का विश्वास अपना बनाये रखना
जन्मों का बन्धन होता
“प्यार”
उसे यों ही अपनाये रखना

💗

जीवन साथी मेरे
कल रास्ता
कहीं रुक जाये
हम में से एक आगे पीछे हो जाये
जीवन के जंगल में
हम सदा के लिए भटक जाये
अफ़सोस के गीत न गाना
फिर कभी
जब धरती पर आये
तो फिर एक बार फिर
हमराही बन गले लगा लेना
अगर….

🌹

कल भी फूल खिलेंगे
कलिया महकेगी
चाँद भी होगा
सितारे भी होंगे
सूर्य भी चमकेगा
सभी
शायद ये दुआयें देंगे
जन्मों तक
ये बन्धन बना रहे
“कमल”
“शायर”
के जीवन का गुलशन
आत्मिक प्यार से
सुरमई सुरभि
बन सदा हरा भरा रहें
अपने पथ की तय मंजिल तक
“प्रेमाश्रयी” से सजाते रहे

सम्पूर्ण प्रेम सहित : कमल भंसाली ( रचियता)

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.