🌻हिंदी दिवस 🌻14 सितम्बर 🌺के उप्लक्ष में कमल काव्य सरोवर की शुभकामनाओं के साथ विनती🐙

🌷कमल काव्य सरोवर🌷 हिंदी दिवस पर सभी हिंदी प्रेमियों को शुभकामनाएं देता है और इस विश्वास के साथ सभी देशवासियों से नम्र निवेदन करता है कि अपनी मातृभाषा से प्यार कीजिये और अपने देश की प्रिय भाषा को सदाबहार बनाइये। दैनिक जीवन में दूसरी भाषाओं के सामने इसका महत्व कम नहीं आंके खासकर विदेशी भाषा अंग्रेजी के सामने। ध्यान रखे, अपनी भाषा में शब्दों की परिभाषाओं को कम टटोलना पड़ता है, प्रयोग के लिए शब्दों को ज्यादा नहीं ढूंढना पड़ता। हिंदी भाषा की गरिमा को बढ़ाने का प्रयास हम सभी को करते रहना चाहिए, कुछ लिखने की लगातार कोशिश करने से हमारी राष्ट्रिय भाषा का रुतबा बढ़ सकता है । जरुरी नही, गुणवत्ता की कसौटी पर हर रचना को सुंदर और खरा साबित किया जाय, प्रायः उत्तमता से किया हर प्रयास भी काफी सार्थक हो सकता है , इतना ही नवलेखन वालों के लिए काफी है। सन्तोष लिखने से आता है, और पढ़ने से ज्ञान, दोनों ही जीवन की खुशियों के स्त्रोत है। “कमल काव्य सरोवर” के नाम से मैंने वर्ड प्रेस की साइड पर लिखने की शुरुआत अपनी मातृभाषा हिंदी में करने की बिना किसी लिखने के अनुभव के। ख़ुशी होती है जब, दुनिया के लगभग चालीस देशों से हिंदी प्रेमियों ने मेरे इस ब्लॉग पट की रचनाओं को पढ़ा। तीन साल के इस सफर में “कमल काव्य सरोवर” को लगभग इक्कीस हजार लोगों ने दृष्टिगत किया। भारत के बाद अमेरिका में इस ब्लॉग को सबसे ज्यादा लोगों ने निहारा, निसन्देह इससे मुझे हिंदी में लगातार लिखने का प्रोत्साहन मिल रहा है। जानता हूँ, लेखक नहीं पर उससे मेरे लिखने के अधिकार का अंत नहीं हो जाता। मैं हिंदुस्तानी हूं, हिंदी मेरी प्रथम भाषा है, यह मेरे लिए गर्व की बात है। हिंदी भाषा दिवस पर आप सभी से निवेदन है, कि हिंदी का अपनी दैनिक जिंदगी में भरपूर प्रयोग कीजिये, और किसी एक दिवस की मोहताज न होने दे। हिंदी में ब्लॉग लिखकर अपनी मातृभाषा के सम्मान में चार चाँद लगाइये। जय हिंदी और जय हिंदी दिवस * कमल काव्य सरोवर*

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संक्षिप्त परिचय *कमल काव्य सरोवर*
ब्लॉग पट■■ Word Press. Com
शुरु वर्ष**जून, 2014
ब्लॉगर व लेखक*** कमल भंसाली, कलकत्ता
सम्पादन**** शायर भंसाली
कुल रचनाये अब तक …..445
लेख और कविताये
अब तक दृष्टिगत संख्या*****21000
देखने वाले****12000
पढ़ने वाले देश भारत के अलावा… करीबन 40 देश
कुछ अति पसन्द रचनाये…
1. दैनिक दिनचर्या
2.”आशीर्वाद” अमृतमय ऊर्जा
3. प्रेम और वासना .. एक चिंतन भरी चर्चा
4. मूल्यांकन स्वयं का …सम्बंधों के सन्दर्भ में
5.रामायण अमृत तत्व ..व्यक्तित्व निर्माण में

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