🌴आत्मिक आधार🌴कुछ विचार🌿कमल भंसाली🌿

जीवन एक आस्था है
एक आत्मिक विश्वास है
निरन्तरता से भरा प्रयास है
समझ मे आ जाये
तो सार्थक हो जाये
न आये तो एक भटकाव है।
💑
जन्म के बाद एक ही निर्विवाद सत्य
“मृत्यु” ही है, जो स्थायित्व कि सरंक्षता में
अनिश्चित होते हुए भी निश्चित है।
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नियति के अनुसार ही बुद्धि का महत्व है, बुरे समय मे श्रेष्ठ बुद्धि भी अपना असर खो देती है, अच्छे समय मे निम्नतम बुद्धि वाला भी सर्वेश्रेष्ठ प्रयास कर जाता है।
मापदण्ड जीवन का यही है, कोई भी अपने आप को कभी सर्वेश्रेष्ठता के अंहकार से सुशोभित करने की चेष्टा न करे, नहीं तो इतिहास गवाह है, पतन का रास्ता भी पास से गुजरता है।वैसे जीवन के हश्र का जिक्र भी क्षण के दुःख का निर्माण करता है।
🙏
सही यही है, जीवन अद्भुत उपहार है, प्रकृति का और सब प्राणी का अपना समर्पित अधिकार उस पर है, अतः भगवान महावीर के इस कथन में अपना जीवन समर्पण कर देना उचित होगा, 👉 स्वयं भी जियों और दूसरों को भी जीने दो 👈 👉 Live & Let Live☝
🍀🐞
किसी भी तरह के नहीं खत्म होनेवाले मतभेद या संधर्ष का एक मात्र अचूक निदान “क्षमा” ही है, जिसका उपयोग आत्मिक पवित्र व्यक्तित्व वाला ही कर सकता है, क्योंकि क्षमा “वीरस्य भूषणम” है। साधारण व्यक्तित्व वाला तो सिर्फ उसकी बातें ही कर सकता है, तभी तो सांसारिक और पारिवारिक असहनशीलता बढ़ रही है, और आंतकवादी और अलगाव वादी शक्तियां इसका भरपूर प्रयोग कर असुरक्षा का माहौल तैयार करने में सफल हो जाती है।
🌸
स्वास्थ्य जीवन की सबसे मुख्य जरुरत है, साधन उसकी आंकाक्षाओं की पूर्ति मात्र है, पर देखा गया है, मानव स्वभाव साध्य से ज्यादा साधनों को महत्व देकर अपने ही बनाये जाल में मकड़ी की तरह उलझ जाता है। जिसमें से निकलना उसके लिए अंतिम समय तक कठिन हो जाता है। इस तरह की लापरवाही जब ज्यादातर उच्च शिक्षित लोगों से होती है, तो खेद होता है कि आखिर शिक्षा की बुनियाद में जीवन के प्रति इस लापरवाही का अंजाम सही ढंग से क्यों नहीं बताया जाता।🌷 🌸कमल भंसाली🌸

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