💖इन बहारों में 💖कमल भंसाली💝


महबूब, मेरे
इन चंचल बहारों में
अकेले न घुमा करो
राह में फूल महकते
कहीं तुमसे दिल लगा बैठे
तो, सोचो जहां का क्या होगा !
हुस्न तो नहीं
पर इश्क तो बदनाम होगा
महबूब, मेरे…

इंद्रधनुषी दुनिया में
हर रंग
रहता बेकरार
देख तुझे बहक न जाए
एक रंग
प्यार का फैल गया
तो तस्वीर का
मायना बदल जाएगा
भरी दुनिया में
फिर जज्बात
किसको मुंह दिखलायेगा !
महबूब,मेरे….

अपनी हसीन पलकों को
समझा दो
जरा
चिलमन कम गिराये
उनका
कुछ न बिगड़े
चैन किसी राही का
खो जाएगा
अपनी मंजिल को
फिर शायद
कभी पहचान न पायेगा
महबूब, मेरे

तेरे लहराते
काले कजरारे केशु
बदली बन जब छितराये
तो चांदनी का
दिल घबराए
कहीं आवारा चाँद
उनसे लिपट न जाये
दर्द मौहब्बत के
होते ही ऐसे
बताओं बेवफा को
वापस कौन गले लगाये
महबूब, मेरे…
तेरे
सुर्ख गुलाबी
गालों की रंगत
उस पर पंखुड़ियों से
लबों की नजाकत
हुस्न की
बेपरवाही इतनी
अच्छी नहीं होती
सब कहेंगे
शमा रोशन रहे
पर
परवाना तो
बिन कुछ पाये
जलकर भस्म हो जाएगा
सोचो जरा
तेरी एक झलक की कीमत
वो कितनी चुकायेगा !
महबूब, मेरे…

रचियता 🙌 कमल भंसाली🙋

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